रायपुर, 26 मई 2026 छत्तीसगढ़ शासन का “सुशासन तिहार 2026” अभियान आज प्रदेश के दूर-दराज के गांवों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभर रहा है। नारायणपुर जिले के ग्राम भाटपाल की रहने वाली समदई पोटाई के लिए यह अभियान उनके जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आया है। सुशासन तिहार के मंच से जब उन्हें नया राशन कार्ड सौंपा गया, तो उनके चेहरे पर आई मुस्कान ने शासन के दावों और प्रशासनिक संवेदनशीलता को पूरी तरह चरितार्थ कर दिया।
समदई पोटाई ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि राशन कार्ड न होने के कारण उनका परिवार लंबे समय से शासकीय खाद्यान्न योजना के लाभ से वंचित था। बाजार से महंगे दामों पर अनाज खरीदना उनके सीमित संसाधनों वाले परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने राशन कार्ड बनवाने के लिए पहले भी कई बार प्रयास किए थे, लेकिन किन्हीं कारणों से उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था, जिससे परिवार को लगातार आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
समदई पोटाई की किस्मत ने तब करवट बदली जब उनके क्षेत्र में “सुशासन तिहार 2026” के तहत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। समदई ने शिविर में पहुंचकर अपनी समस्या सीधे अधिकारियों के सामने रखी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक टीम ने मौके पर ही उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया। त्वरित कार्रवाई (On-the-spot action) करते हुए प्रशासन ने तत्काल नया राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पूरी की। समदई पोटाई ने कहा कि कई बार कोशिश करने के बाद भी मेरा राशन कार्ड नहीं बन पा रहा था। लेकिन सुशासन तिहार के शिविर में अधिकारियों ने मेरी बात को ध्यान से सुना और तुरंत नया राशन कार्ड बनाकर दे दिया। अब मेरे परिवार को अनाज की चिंता नहीं रहेगी।
नया राशन कार्ड हाथ में आते ही समदई पोटाई के परिवार को अब शासकीय उचित मूल्य की दुकान से हर महीने नियमित और किफायती खाद्यान्न मिलना सुनिश्चित हो गया है। इससे उनके परिवार के बजट को एक बड़ा आर्थिक सहारा मिलेगा। इस बड़ी राहत के लिए समदई पोटाई ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
नारायणपुर जिले में आयोजित हो रहे समाधान शिविरों में रोज सैकड़ों ग्रामीण अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं, जहां फाइलों के चक्कर काटने के बजाय मौके पर ही मामलों का निपटारा किया जा रहा है। समदई पोटाई की यह कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं न केवल कागजों से निकलकर जमीन तक पहुंच रही हैं, बल्कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन को भी सुगम बना रही हैं।