नई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान 15 मई 2026 को सतारा में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में शामिल होंगे। कार्यक्रम सैनिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पूर्ण हुए 5 लाख आवासों के गृह प्रवेश का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही वह छह लाभार्थियों को आवास की चाबियां भी सौंपेंगे, जिनमें योजना के तहत 3 करोड़वें आवास से जुड़े लाभार्थी भी शामिल होंगे।
केंद्रीय मंत्री इस अवसर पर महाराष्ट्र को पीएमएवाई-जी के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय अंश सहायता की मातृ स्वीकृति जारी करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV के तहत ₹122.98 करोड़ की लागत वाली 35 सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी जाएगी। इन परियोजनाओं से राज्य की 35 ग्रामीण बसावटों को लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान ‘महा आवास अभियान 2023-24’ के अंतर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा। साथ ही ‘महा आवास अभियान अवॉर्ड्स गौरवगाथा पुस्तिका’ और त्रैमासिक पत्रिका का भी प्रकाशन होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मूलभूत सुविधाओं सहित पक्के घर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत अब तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 4.15 करोड़ आवासों का लक्ष्य आवंटित किया जा चुका है। इनमें 3.91 करोड़ आवास स्वीकृत हुए हैं, जबकि 11 मई 2026 तक 3.03 करोड़ से अधिक आवास पूरे किए जा चुके हैं।
महाराष्ट्र को आवंटित 43.80 लाख आवासों के लक्ष्य के मुकाबले 41.42 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और 17.92 लाख आवास पूरे हो चुके हैं। वहीं, सतारा जिले में 55,052 आवासों के लक्ष्य के मुकाबले 54,759 आवास स्वीकृत किए गए हैं और 24,848 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत महाराष्ट्र के लिए बड़ी स्वीकृति की घोषणा भी की जाएगी। इसके तहत 95.99 किलोमीटर लंबाई की 35 सड़क परियोजनाओं को लगभग ₹122.98 करोड़ की लागत से मंजूरी मिलने का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर मौसम में सड़क संपर्क सुनिश्चित करना और शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार सहित आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाना है।
महाराष्ट्र में पीएमजीएसवाई के तहत अब तक 34 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों और 1000 से अधिक पुलों को मंजूरी दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं पर ₹15 हजार करोड़ से अधिक की लागत स्वीकृत की गई है। राज्य में ‘न्यू एंड ग्रीन टेक्नोलॉजी’ आधारित सड़क निर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल ग्रामीण आधारभूत संरचना विकसित हो रही है।