दंतेवाड़ा में सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की पहल: छिंदनार में खेल मैदान का उद्घाटन किया

रायपुर। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर बुधवार को दंतेवाड़ा जिले में इंद्रावती नदी के किनारे बसे छिंदनार गांव पहुंचे। बेटी सारा तेंदुलकर और बहू सानिया भी उनके साथ थीं। कभी यह गांव नक्सलियों के बहुत ज्यादा प्रभाव वाले इलाके में शामिल था।
उन्होंने यहां सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन (एसटीएफ) और मानदेशी फाउंडेशन की ओर से तैयार खेल मैदान का उद्घाटन किया। इस मौके पर गांव के स्वामी आत्मानंद स्कूल में रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए। सचिन ने मैदान में उतरते ही सारी औपचारिकताएं छोड़ दी।
रस्साकसी में वे पुरुषों की टीम से खेल रहे थे, जबकि महिलाओं की प्रतिद्वंदी टीम में बेटी सारा और बहू सानिया थीं। तपती धूप में काफी देर पसीना बहाने और धूल-मिट्टी से नहाने के बाद भी क्रिकेट के भगवान को बेटी सारा और बहू सानिया की टीम ने पटखनी दे दी। हालांकि, इस हार का बदला उन्होंने वॉलीबॉल के मैच में निकाला।
इसमें उन्होंने एक बार फिर लड़कों की टीम के साथ जबरदस्त सर्विस की और खेल का आनंद लिया। सचिन ने इस मौके पर खिलाड़ियों से कहा, भविष्य के चैंपियन तैयार करने केवल व्यक्तिगत जुनून काफी नहीं। जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाएं होना जरूरी है। सचिन ने बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।
फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गांव में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहां क्रिकेट के साथ फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी समेत एथलेटिक्स से जुड़े खेलों के लिए भी जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रहीं हैं। इस दौरान सचिन के साथ मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी मौजूद रहीं, जो इलाके में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एसटीएफ के साथ मिलकर काम कर रहीं हैं।
100 से ज्यादा शिक्षकों को फाउंडेशन ने दी है कोचिंग
दंतेवाड़ा में खेल को बढ़ावा देने एसटीएफ द्वारा जहां 50 खेल की मैदान तैयार किए गए हैं, वहीं फाउंडेशन के कोच द्वारा स्थानीय 100 शिक्षकों को कोचिंग देकर खेल मैदान बनाने से लेकर बच्चों को प्रशिक्षित करने को लेकर प्रशिक्षण दिया गया है।