रायपुर: राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिल रही है। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सलका स्थित सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र इसका उदाहरण है। कभी किराए के जर्जर और सीमित स्थान वाले भवन में संचालित यह केंद्र अब 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित नवनिर्मित भवन में संचालित हो रहा है। इससे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण मिलने के साथ आंगनबाड़ी केंद्र की सेवाओं का संचालन भी अधिक व्यवस्थित हुआ है।
सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृति दी गई थी। भवन निर्माण में एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और विकसित भारत जी राम जी योजना के संसाधनों का अभिसरण किया गया। कुल 11.69 लाख रुपए की लागत में आईसीडीएस से 3.69 लाख रुपए तथा विकसित भारत जी राम जी योजना से 8 लाख रुपए का प्रावधान किया गया। भवन निर्माण के दौरान 494 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ।
नवनिर्मित भवन से पहले आंगनबाड़ी केंद्र किराए के जर्जर भवन में संचालित होता था। सीमित जगह और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में बच्चों को बैठाने, प्री-स्कूल गतिविधियां संचालित करने तथा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने में कठिनाइयां आती थीं। नए भवन के निर्माण से इन समस्याओं का समाधान हुआ है और केंद्र के संचालन के लिए स्थायी आधारभूत सुविधा उपलब्ध हुई है।
नए आंगनबाड़ी भवन में बड़ा हॉल, रसोई, स्टोर, शौचालय, बाथरूम और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्याप्त स्थान होने से बच्चों के लिए प्री-स्कूल शिक्षा, खेलकूद, पोषण एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियां व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही हैं। रसोई और स्टोर की सुविधा से पोषण आहार के रख-रखाव एवं वितरण में भी सुविधा हुई है।
वर्तमान में सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र से 35 बच्चे नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें प्री-स्कूल शिक्षा के साथ पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण मिलने से बच्चों की केंद्र में उपस्थिति और गतिविधियों में सहभागिता को भी बढ़ावा मिला है।
आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से गर्भवती माताओं और किशोरी बालिकाओं को भी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 5 गर्भवती माताएं स्वास्थ्य जांच एवं पोषण परामर्श का लाभ ले रही हैं, जबकि 17 किशोरी बालिकाएं पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। नए भवन से इन हितग्राहियों को भी बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी पैकरा ने बताया कि पहले कम जगह के कारण बच्चों को बैठाने और विभिन्न गतिविधियां कराने में परेशानी होती थी। नए भवन में पर्याप्त जगह और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से अब बच्चों की गतिविधियां आसानी से संचालित हो रही हैं। बच्चे भी उत्साह के साथ केंद्र पहुंच रहे हैं।
सलकापारा आंगनबाड़ी केंद्र का भवन योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से तैयार हुई ऐसी स्थायी परिसंपत्ति है, जिसका लाभ ग्रामीण समुदाय को लंबे समय तक मिलेगा। इस पहल से एक ओर बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा मिली है, वहीं गर्भवती माताओं और किशोरी बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है। साथ ही भवन निर्माण से स्थानीय स्तर पर 494 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ।
इस प्रकार सलकापारा का आंगनबाड़ी केंद्र केवल एक नए भवन की उपलब्धि नहीं, बल्कि बाल पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य, किशोरी स्वास्थ्य और ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को एक साथ मजबूत करने वाली अभिसरण आधारित पहल का उदाहरण बनकर उभरा है।