बस्तर के सरकारी शराब दुकानों में  ओवररेटिंग ,गोवा ब्रांड पर 10 रूपए और बीयर पर 30 रूपये तक की ओवर रेटिंग,शिकायत के बावजूद जिम्मेदार गहरी नींद में

बस्तर : जगदलपुर के शराब दुकानों में खुले आम ओवररेटिंग की जा रही है। इसको लेकर पहले भी शिकायत की जाती रही है। लेकिन रक्षक प्लेसमेंट कंपनी हटने के बाद फिर से अभी जो ऑल ग्लोबल प्राइवेट प्लेसमेंट कम्पनी को अभी शराब दुकान में प्लेसमेंट का कार्य दिया गया है। उसके बावजूद हालत जस के तस है। न तो लोगो को मनपसंद ब्रांड की शराब मिल रही है और न ही सही दाम में दिया जा रहा । मनमाने तरीके से गोवा , जम्मू जैसे चिप ब्रांड पर 10 रूपए और बीयर पर 30 रूपये तक की ओवर रेटिंग की जा रही है। जो सीधा सीधा जनता के पैसे की लुट है। उनके जेब पर चोट किया जा रहा ।



जगदलपुर के बस स्टैंड , केवरामुंडा ,गीदम रोड स्थित सरकारी शराब दुकानों में हमारे मीडिया टीम ने जा कर पता लगाया तब पता चला कि जम्मू और गोवा ब्रांड की शराब जो 120 रुपए  में मिलती है उस पर 10 रूपए अधिक याने 130 रु में बिक्री किया जा रहा है । उसके अलावा बीयर के ब्रांड उपलब्ध नहीं है। चुनिंदा ब्रांड ही बेचा जा रहा है। उस पर भी कुछ जान पहचान वालो को ही ब्रांड उपलब्ध कराया जा रहा है । और 200 रूपये की कीमत वाले बीयर बोतल को 230 रुपए में बिक्री किया जा रहा है। लगातार शराब को अधिक दाम पर बेचा जा रहा है। जो काफी समय से चल रहा है। इसकी शिकायत भी लोग कर कर के परेशान है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी न तो ऑफिस में मिलते है । न ही फोन उठाते है। जबकि आबकारी आयुक्त आर संगीता जैसे काबिल और तेज तर्रार उच्च अधिकारी ने सख्त निर्देश दिए है। उसके बावजूद जगदलपुर में हालात सुधरे नहीं हैं । इसकी जांच करने वाले अधिकारी अपने दफ्तरों से गायब है और फोन तक उठाने की जहमत नहीं कर रहे है । अब बड़ा सवाल ये है कि बस्तर की जनता को शराब दुकान से ओवर रेटिंग से कब मुक्ति मिलेगी? और दोषियों पर क्या कार्यवाही प्रशासन करेगी?

आपको बता दे जगदलपुर जिले की सभी शराब दुकानों में व्यवस्था चरमराई हुई है। दुकानों में न तो ग्राहकों को मनपसंद ब्रांड की शराब दी जाती है और ना ही सही दाम में दिया जाता है और तो और बीयर भी गर्म दिया जाता है जबकि बीयर ठंडी देने आबकारी विभाग पूरी तरह से नाकाम है। इसके लिए कई बार खबरें भी प्रकाशित की जा चुकी है। ओवर रेटिंग की शिकायत भी मीडिया के द्वारा और आम जनता करते आ रही है। लेकिन बस्तर में संचालित अधिकतर शराब दुकानों की हालत जस के तस है। इसके पीछे के वजह क्या है क्या अधिकारी भी इसमें संलिप्त है? क्या उच्च अधिकारी इस पर लगाम लगाने में नाकाम है ? क्योंकि जगदलपुर की शराब दुकानों की बात की  जाए तो लंबे समय से वहां mrp से अधिक दाम के मामले तो सामने आते रहते है साथ ही कई जगहों में नकली और मिलावटी शराब की भी शिकायत दिखने को मिलती है। इसकी जांच कब होगी और दोषियों पर क्या कार्यवाही होगी ये देखने वाली बात होगी।