अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कराने जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग ने संयुक्त पहल की है। मंगलवार को जिला पंचायत अंबिकापुर के सभाकक्ष में नीट-जेईई कोचिंग के लिए चयनित विद्यार्थियों की काउंसलिंग की गई। इसमें शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत 50 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों को 28 मई से रायपुर में नि:शुल्क कोचिंग क्लास शुरु होगी। विद्यार्थियों को अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगीं।
सरगुजा जिले के शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का चयन कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया गया है। चयन प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर का पूर्ण पालन किया गया। कुल 50 पात्र छात्र-छात्राओं को कोचिंग के लिए चयनित किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा चयनित विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग, आवास, भोजन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोचिंग के लिए रायपुर स्थित एलन संस्थान को चिन्हित किया गया है। कार्यक्रम में जिला पंचायत, आदिवासी विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा की उपस्थिति में विद्यार्थियों और अभिभावकों को कोचिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए अनुशासन, मोबाइल के सीमित उपयोग और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता पर जोर दिया।
काउंसलिंग के दौरान एलन रायपुर के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अध्ययन पद्धति एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में पूरी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कोचिंग कक्षाएं 28 मई से प्रारंभ होंगीं तथा चयनित विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय से रायपुर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की जाएगी।